वोडाफोन-आइडिया विलय के बाद बनेंगे देश के सबसे बड़े टेलिकॉम ऑपरेटर

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भारतीय व्यापार जगत दिन पर दिन बदलाव के तरफ अपने कदम को बढ़ाते जा रहा है। जिसका एक बड़ा उद्धरण हमारा तेजी से बढ़ता हुआ ई-कॉमर्स बाजार। वहीं आज हम आपको एक और फेर बदल के बारे में बताने जा रहे हैं। बतादें की भारत की दो बड़ी टेलिकॉम ऑपरेटर वोडाफोन और आइडिया एक दूसरे से हाथ मिलाने जा रही हैं। दोनों बड़ी कंपनियों ने एक दूसरे के साथ विलय की घोषणा की है। तो चलिए आपको बतातें हैं इस जुडी कुछ खास बातें।

इन दोनों कंपनियों ने अपने विलय की घोषणा भले ही अभी की है, लेकिन इसे करने के लीयते दोनों के बिच बातचीत पिछले ८ महीनो से चल रही थी। जिसके बाद वोडाफोन और आदित्य बिड़ला समूह की आइडिया सेल्युलर का विलय हो पाया। कहा तो यह भी जा रहा है की दोनों का साथ बड़ा फेरबदल लाएगा।

रिलायंस जियो ने पैदा कर दिया है तगड़ा मुकाबला

मुकेश अंबानी द्वारा रिलांयस जियो ४जी सिम पेश करने के बाद से टेलिकॉम ऑपरेटर्स में घमासान है। चीन के बाद दुनिया की सबसे बड़ा मोबाइल बाजार भारत ही है और ऐसे में जियो की मुफ्त पेशकशों के चलते पहले से मौजूद टेलिकॉम ऑपरेटर्स का ग्राहक शेयर यहां से वहां होने लगा। ग्राहकों के बीच पैठ बनाए रखने के लिए कंपनियों ने तमाम तरह के ऑफर पेश किए हैं और कहा जा रहा है कि यह मर्जर भी इसी दिशा में एक जंग का एक रूप है।

एयरटेल और टेलिनॉर का मुनाफे का गणित

भारती एयरटेल की बात करें तो चार सालों में पहली बार अक्टूबर दिसंबर तिमाही में कंपनी ने सबसे कम प्रॉफिट दर्ज किया। जबकि, इसी पीरियड में आइडिया सेल्युलर ने नुकसान के आंकड़े पेश किए। याद दिला दें कि भारती एयरटेल ने इस साल की शुरुआत में ऐलान किया था कि वह नॉर्वे की कंपनी टेलिनॉर को छह भारतीय राज्यों में खरीदने का करार कर चुकी है।

आइए जानते हैं इस विलय से जुड़ी ६ खास बातें :-

  • विलय के बाद आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम ने कहा कि मैं नई कंपनी का चेयरमैन बनकर बहुत खुश हूं।
  • इस विलय के बाद वोडाफोन कंबाइन्ड इनटिटी का ४५% अपने पास रखेगी वहीं, आइडिया के पास इसकी२६ प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। आगे जाकर आदित्य बिड़ला ग्रुप और वोडाफोन का हिस्सा बराबर हो जाएगा।
  • विलय के बाद कंपनियों ने कहा कि 3जी और ४जी नेटवर्क पूरे देश में जाल की तरह फैलाया जाएगा। विलय के बाद इस कंपनी के पास ४० करोड़ ग्राहक होंगे, जिससे भारत के तीन ग्राहकों में से एक इस कंपनी के ग्राहक होंगे।
  • ऐसा कहा जा रहा है कि देश में तीन लाख से ज्यादा लोग टेलिकॉम इंडस्ट्री में नौकरी करते हैं, लेकिन अगले १८ महीने की विलय प्रक्रिया के दौरान टेलिकॉम इंडस्ट्री से १०,००० से २५,००० लोगों की नौकरी पर तलवार लटक रही है। लेकिन कुमार मंगलम ने इस बात को खारिज करते हुए कहा कि कर्मचारियों को हटाए जाने की अभी हमारी कोई योजना नहीं है।
  • कुमार मंगलम ने कहा कि ये विलय आइडिया के शेयरहोल्डर और कर्जदाताओँ के लिए ये काफी फायदेमंद होगा। विलय की घोषणा के बाद ही आइडिया के शेयरों में पांच प्रतिशत का इजाफा आया है।
  • इस विलय की प्रक्रिया पूरी होने में करीब २ साल का वक्त लगेगा। इस विलय में आइडिया के पास चेयरपर्सन चुनने का अधिकार होगा जबकि सीईओ और सीओओ की नियुक्ति का फैसला दोनों कंपनियां मिलकर करेंगी। (फोटो क्रेडिट: एचटी.कॉम )

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