सरकार ने दी एनबीएफसी में १००% एफडीआई की अनुमति

0
244

सरकर ने अन्य वित्तीय सेवाओं ‘गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों द्वारा किये जाने वाले (एनबीएफसी) में १००% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति दी है। जिसकी मदद से विदेशी निवेश व्यवस्था को उदार बनाने की कोशिश की जा रही है।

ई-टैलिंग इंडिया का विचार मंथन

सरकार गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के और भी खंडों में १०० प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का प्रस्ताव कर चूका है। इसमें जिंस ब्रोकिंग और बुनियादी ढांचा ऋण कोष आदि शामिल हैं। इससे विदेशी निवेश आकर्षित किया जा सकेगा। सूत्रों ने कहा कि यह प्रस्ताव वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा बजट में की गयी घोषणा कि एनबीएफसी की गतिविधियों की और श्रेणियों में एफडीआई की अनुमति दी जाएगी, पर आधारित है। सूत्र ने कहा कि एनबीएफसी की 18 विशेषीकृत गतिविधियों से अलग स्वत: मंजूर मार्ग से एफडीआई की अनुमति दी जाएगी।

इन गतिविधियों का नियमन वित्तीय क्षेत्र के नियामकों द्वारा किया जाता है। एनबीएफसी और गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थानों (एनबीएफआई) के अन्य खंड हैं। इंश्योरेंस इंटरमीडिएरीज, पेंशन प्रबंधन कंपनी, परिसंपत्ति वित्त कंपनी और डिपाजिटरी भागीदार।

digitalerra_banner_26102017_q1_hindi

क्या उम्मीद की जा सकती है?

  • वर्ष २०१५ से १६ के बिच विदेशी निवेश (एफडीआई) में २९% की हर वर्ष बढ़ोतरी जो अब तक ५५ अरब डॉलर का हो चूका है।
  • इस से मदद मिलेगा कारोबार आसानी से करने के साथ उसमे बढ़ावा और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार की अनुमति। यह कदम कमोडिटी ब्रोकिंग के बढ़ते क्षेत्र में मदद करेगा। एफडीआई भारतीय कमोडिटी ब्रोकिंग बाजार में विशेषज्ञ जोखिम प्रबंधन के व्यवहार में ला सकता है।
  • वहाँ एक वैश्विक संकुचन होता है और इन सुधारों घरेलू उसके प्रभाव को बेअसर कर सकते हैं।
  • ब्रिक्स समूह दुनिया की आबादी का 40 प्रतिशत है। वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का एक बड़ा हिस्सा और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा एक दूसरे से आता है। वहीं आगे जाकर यह बहस का विषय बन सकता है।

(फोटो क्रेडिट: द हिंदू)

Banner